शुक्रवार, अगस्त 16, 2013

मेरी प्यारी नानी

मेरी नानी अमेरिका आ गई है। जून २४  को  हमलोग सब हवाई अड्डे   गये उनको लाने के लिए।  ग्यारह बजे हमलोग सब नानी के साथ घर पहुँच गये थे. जब हमलोग घर आगये थे उनको सोने  का मन था. हमलोग फट से  पूछे  टीवी पे क्या देक्ति है और टीवी लगा दियें।

वो आज कल सबसे पहाले उठ जाती है.  दोपहर मे वो किताब पढती है और रात मे टीवी देखती है.
वो प्यार का दर्द है, सरस्वतीचन्द्र , और झलक दिखला जा देखती  है. उन के लिए कम्पूटर पर एक अलग से खाता बना लिया है .
उसके पास एक दोस्त है हमारी परोस की नानी तो इसलिए उनका थोड़ा  सा मन लगता है. एक दिन वो अपने से खाना बनाई है सब के लिए.
अब तो तुम सब देख  सकते हो की मेरी नानी सबसे प्यारी नानी है !


मंगलवार, जनवरी 01, 2013

पोती का पत्र दादा-दादी के नाम

समीक्षा दादा को चिठ्ठी लिखने में वयस्त 
प्यारे दादा और दादी ,
आप दोनों को नये साल की बहुत बहुत बधाई .यहाँ पर हमसब ने भी नया साल एक दोस्त के घर मनाया .मैं और श्रेया बहुत खेले .
हमलोग आपको  बहुत याद करते हैं .श्रेया को आम चाहिये और मुझे अमरुद चाहिए .आप दोनों यहाँ कब आएँगे ?
मैं तुम दोनों को बहुत प्यार करती हूँ .
आपकी प्यारी पोती,
समीक्षा

पापा की तरफ से:

समीक्षा ने पहली बार हिन्दी में चिठ्ठी लिखी है.उनका हिन्दी ब्लॉग अब तक पापा लिखता रहा है। मुझे बहुत खुशी है कि आज समीक्षा ने हिन्दी में दादा-दादी को चिठ्ठी भी लिखी और उसको अपने ब्लॉग पर भी लिखा। वैसे तो ये 8 साल की हैं लेकिन हिन्दी सीखते अभी 4 महीनें ही हुए हैं .
हाथ की लिखाई में अभी बहुत अभ्यास चाहिए लेकिन प्रारम्भिक लेख के लिए जितना आज लिखा है वो कम नहीं है। आप लोग अपनी टिप्पणियों से इन्हें प्रोत्साहित करते रहें .